हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
नगर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और निर्माण कार्यों में अनियमितता के आरोपों को लेकर अब सियासत गरमाने लगी है। पार्षद जानू सिदार द्वारा प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम की समय सीमा पूरी होने के बाद नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल उठने लगा है कि क्या पार्षद जानू सिदार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी घोषित भूख हड़ताल कल से शुरू करेंगे या फिर मामला महज चेतावनी तक ही सीमित रह जाएगा ?
जानकारी के अनुसार पार्षद जानू सिदार ने कुछ दिनों पहले एसडीएम धरमजयगढ़ को ज्ञापन सौंपकर नगर पंचायत के निर्माण कार्यों की जांच और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की थी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि कुछ कार्यों में बिना काम किए ही लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया है। पार्षद ने सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी।
नगर में अब सवाल उठने लगे हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उठी आवाज अब आगे बढ़ेगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह “टाय-टाय फीस” हो जाएगा ?
शुरुआत में पार्षद के इस कदम को नगरवासियों का समर्थन मिला था। कई लोगों ने इसे जनहित का मुद्दा बताते हुए कहा था कि जनप्रतिनिधि को जनता के मुद्दों पर इसी तरह आवाज उठानी चाहिए। लेकिन अब समय सीमा पूरी होने के बाद नगर में चर्चाओं का रुख बदलता नजर आ रहा है।
🔥 फिलहाल निगाहें पार्षद जानू सिदार के अगले कदम और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। अगर भूख हड़ताल शुरू होती है तो यह मामला नगर पंचायत की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है









