हिन्दी समाचार : बिलासपुर/धरमजयगढ़
धरमजयगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत भालू पखना स्थित धनबादा पावर की 7.50 मेगावाट लघु जल विद्युत परियोजना को लेकर मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में याचिकाकर्ता विवेक कुमार पांडेय द्वारा अपने अधिवक्ता श्रेष्ठ गुप्ता के माध्यम से जनहित याचिका दायर की गई है।
याचिका में वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, तत्कालीन वन मंडलाधिकारी धरमजयगढ़ के पत्राचार में यह उल्लेखित होने की बात सामने आई है कि परियोजना से संबंधित कुछ कार्यों के लिए वन एवं राजस्व वन क्षेत्र में गैर वानिकी कार्य की अनुमति वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त नहीं हुई थी।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा गया है। अब मामले में आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट में शासन के जवाब के बाद होगी।
अब वन्यजीव सुरक्षा पर भी उठ रहे सवाल
बताया जा रहा है कि संबंधित क्षेत्र हाथी प्रभावित क्षेत्र है.और पूर्व में वन मंडल क्षेत्र में विद्युत करंट की चपेट में आने से कई हाथियों की मौत के मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की जा रही है।
जानकारी के अनुसार बिना किसी वैध अनुमति के बिजली विभाग के 11 केवी पोल पर ही एक निजी लघु जल विद्युत परियोजना को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 33 केबल लाइन का भी विस्तार किया जा रहा है. जो काफी गंभीर मामला है. जो तमाम नियम कानून की धज्जियां उड़ाता दिख रहा है









