मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य

---Advertisement---

बिना अनुमति निकली रैली पर बवाल ! कोल खदान विरोध आंदोलन के बीच प्रशासन की सख्त चेतावनी

On: June 18, 2026 7:27 PM
Follow Us:
---Advertisement---

🫵 KPCL की प्रस्तावित कोयला खदान के विरोध में उमड़ा जनसैलाब, लेकिन अनुमति को लेकर खड़ा हुआ नया विवाद

हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़

कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) की प्रस्तावित 1610.75 हेक्टेयर कोयला खदान परियोजना के विरोध में गुरुवार को धरमजयगढ़ क्षेत्र में ग्रामीणों, किसानों और आदिवासी समुदाय का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में लोग रैली और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए तथा प्रस्तावित खदान परियोजना के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रस्तावित खनन परियोजना से क्षेत्र के जंगल, जल, जमीन और आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा। ग्राम पंचायत बायसी कॉलोनी की ग्राम सभा ने भी केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र भेजकर प्रस्तावित कोल ब्लॉक को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। ग्राम सभा का कहना है कि पेसा अधिनियम, वनाधिकार कानून, संविधान की पांचवीं अनुसूची तथा स्थानीय समुदायों के अधिकारों की अनदेखी कर किसी भी परियोजना को लागू नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने दावा किया कि ग्राम सभा पहले ही सर्वसम्मति से इस परियोजना का विरोध कर चुकी है।

आंदोलन के बीच बड़ा खुलासा : रैली और विरोध प्रदर्शन की नहीं ली गई थी अनुमति

इसी बीच इस पूरे आंदोलन को लेकर एक बड़ी प्रशासनिक जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, रैली और विरोध प्रदर्शन के लिए एसडीएम कार्यालय धरमजयगढ़ से किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति प्राप्त नहीं की गई थी।इस संबंध में जब स्थानीय मीडिया हिन्दी समाचार ने एसडीएम धरमजयगढ़ से चर्चा की तो उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में तमनार क्षेत्र में हुए विवाद के बाद रायगढ़ जिले में रैली, विरोध अथवा धरना-प्रदर्शन और बड़े सार्वजनिक आंदोलनों की अनुमति प्रक्रिया को और अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है।एसडीएम ने कहा कि प्रशासन द्वारा निर्धारित नई प्रक्रिया का पालन करना सभी संगठनों और आंदोलनकारियों के लिए अनिवार्य है। बिना अनुमति किसी भी प्रकार की रैली, धरना या प्रदर्शन किए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

परियोजना पर विरोध जारी, प्रशासन भी सतर्क

एक ओर जहां ग्रामीण और आदिवासी समुदाय कोल खदान परियोजना के विरोध में लामबंद नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन कानून-व्यवस्था और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

क्या है नियम…?

स्थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान एसडीएम धर्मजयगढ़ ने बताया कि तमनार में हुई घटना के बाद प्रशाशन किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती इसलिए रायगढ़ जिले में किसी विरोध प्रदर्शन अथवा आंदोलन के लिए एसडीएम कार्यालय से एक आवेदन का प्रारूप भरना होता है जिसके बाद यह आवेदन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को देकर अनुमति मांगी जाती है तत्पश्चात् इस आवेदन को धर्मजयगढ़ एसडीओपी कार्यालय भेजा जाता है जहां सबकुछ जांच परखने के बाद अनुमति के लिए वापस एसडीएम कार्यालय भेजा जाता है आवेदन के प्रारूप में सब कुछ ठीकठाक रहा तो अनुमति दी जाती।

Gurucharan Singh Rajpoot

CGHindiSamachar.com अब पूरे भारत के लिए समर्पित एक हिन्दी न्यूज़-पोर्टल है जहाँ आपको राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर की ताज़ा खबरें मिलेंगी। हमारी टीम राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आपातकालीन घटनाओं पर निष्पक्ष, तथ्यात्मक और समयोचित रिपोर्टिंग प्रदान करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई या मामला ठंडे बस्ते में ? क्या कल से भूख हड़ताल करेंगे पार्षद जानू सिदार ! या टॉय टॉय फिस्स..

धनबादा पावर का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जनहित याचिका पर शासन ने मांगा जवाब के लिए समय

धरमजयगढ़ बस स्टैंड में स्थित किराने की दुकान पर चोरी का प्रयास नाकाम, नकाबपोश चोर सीसीटीवी में कैद

धरमजयगढ़ नगर पंचायत में करोड़ों के घोटाले का आरोप, मंत्री से हुई उच्चस्तरीय जांच की मांग.स्ट्रीट लाइट, पाइपलाइन विस्तार और 15वें वित्त आयोग की राशि में अनियमितता के गंभीर आरोप

🚨 इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद बहला-फुसलाकर ले गया था राजस्थान, नाबालिग से किया विवाह और शारीरिक शोषण, धरमजयगढ़ पुलिस ने मुंबई से खोजकर परिजनों को सौंपा

Leave a Comment