हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
धरमजयगढ़ वन मंडल में इन दिनों भ्रष्टाचार और लापरवाही चरम पर दिखाई दे रही है। शिकायतों के बावजूद न तो वन मंडलाधिकारी कोई ठोस कार्रवाई कर रहे हैं और न ही अधीनस्थ कर्मचारी जिम्मेदारी निभाते नजर आ रहे हैं।बोरो परिक्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा खेत बनाने के नाम पर कई एकड़ जंगल को जेसीबी मशीन से साफ कर दिया गया।
हैरानी की बात यह है कि जब यह अवैध कटाई हो रही थी, तब इसकी जानकारी बीट गार्ड को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।मामला यहीं तक सीमित नहीं है। जंगल के भीतर ही 3 बोर खनन भी कर डाले गए, और वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी—या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई, यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है।
⚠️ बिना अनुमति के धड़ल्ले से निर्माण
वन विभाग की जमीन पर बिना अनुमति निर्माण कार्य होना लगभग असंभव माना जाता है, लेकिन धरमजयगढ़ में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।जहां एक ओर ग्रामीण आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, क्योंकि वन विभाग अनुमति नहीं देता—वहीं दूसरी ओर कंपनियों को खुलेआम जंगल में निर्माण कार्य की छूट मिल रही है।बाकारूमा रेंज में एक कंपनी द्वारा बिना किसी अनुमति के जंगल के अंदर निर्माण कार्य किया जा रहा है, लेकिन वन विभाग इस पर भी चुप्पी साधे हुए है।
❗ बड़े सवाल : क्या वन विभाग जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है ?
❗क्या नियम सिर्फ आम ग्रामीणों के लिए ही हैं?
❗कंपनियों को आखिर किसकी शह पर मिल रही है खुली छूट?










