हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
क्षेत्र में इन दिनों फ्लाइएश (राख) से भरी भारी वाहन लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनते जा रहे हैं। दिन-रात सड़कों पर दौड़ रही ये गाड़ियाँ न सिर्फ यातायात व्यवस्था को बिगाड़ रही हैं, बल्कि पर्यावरण को भी बुरी तरह प्रदूषित कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गाड़ियों से उड़ने वाली राख और धूल से सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे रहने वाले परिवार खास तौर पर इससे प्रभावित हैं
👉 घरों में धूल की मोटी परत जम रही है
👉 बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, एलर्जी और सांस की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं
👉 सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई वाहन बिना ढंके (ओपन) फ्लाइएश लेकर चल रहे हैं, जिससे रास्ते भर प्रदूषण फैल रहा है।
नियमों के मुताबिक ऐसे वाहनों को ढंककर और निर्धारित मानकों के तहत ही परिवहन करना चाहिए, लेकिन यहां खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की है, जिसमें
💢 बिना ढंके फ्लाइएश परिवहन पर तत्काल रोक
💢 नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई
💢 नियमित पानी छिड़काव और सड़कों की सफाई…प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का सख्ती से पालन
यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए और भी गंभीर संकट बन सकता है वहीं स्थानीय जागरूक नागरिक और समाजसेवियों की टीम कलेक्टर सहित मंत्रालय में मामले को लेकर गंभीर शिकायत करने की मंशा बना रहे हैं।











