हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
धरमजयगढ़ विकासखंड में संचालित दो बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं मलका और धनवादा के बीच विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। धनवादा परियोजना के संचालकों ने मलका कंपनी के जीएम रोहित श्रीवास्तव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए धरमजयगढ़ थाना में लिखित शिकायत दर्ज कर एफआईआर की मांग की है।
शिकायत के अनुसार रोहित श्रीवास्तव पूर्व में धनवादा परियोजना से भी जुड़े रहे हैं। कंपनी का आरोप है कि नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने परियोजना से जुड़े कुछ गोपनीय दस्तावेज अपने पास रख लिए और अब उन्हीं दस्तावेजों का उपयोग कर कंपनी के खिलाफ अपने लोगों के माध्यम से आरटीआई आवेदन लगवा रहे हैं।धनवादा कंपनी ने यह भी आरोप लगाया है कि रोहित श्रीवास्तव कंपनी और उसके कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से षड्यंत्र रच रहे हैं तथा कुछ कर्मचारियों को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
शिकायत के साथ कंपनी ने कथित तौर पर कुछ कॉल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है, जिन्हें आरोपों के समर्थन में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया जा रहा है।सूत्रों के अनुसार रोहित श्रीवास्तव पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने धनवादा परियोजना के एक कर्मचारी को विवाद में घसीटने के लिए कुछ ग्रामीणों को मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाने के लिए प्रेरित करने की योजना बनाई थी।
हालांकि इस कथित योजना की जानकारी पहले ही कंपनी प्रबंधन को मिल गई, जिसके बाद कंपनी ने तत्काल थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
पुलिस ने शुरू की जांच
जानकारी के अनुसार धनवादा कंपनी द्वारा 10 मई 2026 को धरमजयगढ़ थाना में लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि जांच के तहत कंपनी के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।वहीं सूत्रों का कहना है कि रोहित श्रीवास्तव हाल तक धरमजयगढ़ में मौजूद थे, लेकिन जांच के दौरान वे बाहर चले गए, जिसके कारण पुलिस अभी तक उनका पक्ष दर्ज नहीं कर सकी है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में धरमजयगढ़ थाना प्रभारी राजेश कुमार जांगड़े ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ध्यान दें : यह समाचार शिकायत और आरोपों पर आधारित है।
आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित पक्ष रोहित श्रीवास्तव का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना आवश्यक है, ताकि समाचार संतुलित और निष्पक्ष बना रहे।










