मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य

---Advertisement---

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: धरमजयगढ़ SDOP सिद्धांत तिवारी की EOW-ACB प्रतिनियुक्ति रद्द

On: August 4, 2026 11:15 PM
Follow Us:
---Advertisement---

बिना सहमति प्रतिनियुक्ति पर भेजना पड़ा भारी, हाई कोर्ट ने कहा—नियमों की अनदेखी नहीं कर सकता शासन

हिन्दी समाचार : रायगढ़/धरमजयगढ़

धरमजयगढ़ के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) सिद्धांत तिवारी की EOW-ACB, रायपुर में प्रतिनियुक्ति का आदेश हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी को प्रतिनियुक्ति पर भेजने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसकी सहमति लिया जाना आवश्यक है।

गौरतलब है कि गृह पुलिस विभाग ने 13 जुलाई 2026 को आदेश जारी कर सिद्धांत तिवारी की सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए उन्हें EOW-ACB, रायपुर में पदस्थ किया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

तबादला नहीं, प्रतिनियुक्ति का था मामला

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि संबंधित आदेश सामान्य स्थानांतरण का नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति का आदेश है। प्रतिनियुक्ति के लिए उनकी सहमति नहीं ली गई, जो सेवा कानून में स्थापित प्रक्रिया के विपरीत है।

फैसले से साफ संदेश—प्रतिनियुक्ति में प्रक्रिया जरूरी

हाई कोर्ट के इस आदेश को सेवा मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक आवश्यकता अपनी जगह है, लेकिन प्रतिनियुक्ति के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और कर्मचारी की सहमति के नियमों को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

वहीं राज्य शासन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि EOW-ACB में लंबित जांचों को जल्द पूरा करने के लिए अतिरिक्त अधिकारियों की आवश्यकता है। शासन ने हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में चल रही कार्यवाही का हवाला देते हुए जांचों को शीघ्र पूरा करने के प्रयासों की जानकारी भी दी।

राज्य सरकार ने यह भी तर्क दिया कि छत्तीसगढ़ मूलभूत नियमों के नियम 110 के तहत सक्षम अधिकारी को सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाली संस्था में कर्मचारी को उसकी सहमति के बिना भी स्थानांतरित करने का अधिकार है।

हाई कोर्ट ने कहा—प्रशासनिक जरूरत से नियम खत्म नहीं होते

रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद हाई कोर्ट ने पाया कि शासन के आदेश में सिद्धांत तिवारी की सेवाएं स्पष्ट रूप से प्रतिनियुक्ति पर लेने का उल्लेख किया गया था, लेकिन इसके लिए उनकी सहमति नहीं ली गई।अदालत ने कहा कि प्रशासनिक आवश्यकता या किसी सरकारी परिपत्र का हवाला देकर प्रतिनियुक्ति से जुड़े स्थापित नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती।इसी आधार पर हाई कोर्ट ने सिद्धांत तिवारी की प्रतिनियुक्ति संबंधी आदेश को रद्द कर दिया। हालांकि अदालत ने शासन को नियमानुसार प्रक्रिया का पालन करते हुए नया आदेश जारी करने की स्वतंत्रता दी है।

Gurucharan Singh Rajpoot

CGHindiSamachar.com अब पूरे भारत के लिए समर्पित एक हिन्दी न्यूज़-पोर्टल है जहाँ आपको राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर की ताज़ा खबरें मिलेंगी। हमारी टीम राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आपातकालीन घटनाओं पर निष्पक्ष, तथ्यात्मक और समयोचित रिपोर्टिंग प्रदान करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

थाना के सामने अवैध ठेला, नोटिस के बाद भी नहीं हटा कब्जा—नगर पंचायत की कार्रवाई पर उठे सवाल

धरमजयगढ़ में देशभक्ति के जज्बे के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति (ABPSS) की आधिकारिक डिजिटल एवं सोशल मीडिया उपस्थिति का विस्तार

शशि पटेल को मिली बड़ी जिम्मेदारी, रायगढ़ जिले के प्रभारी नियुक्त

पट्टे की जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर फसल रौंदी, कब्जे के आरोप से मचा हड़कंपपीड़ित किसान ने थाना धरमजयगढ़ में दिया आवेदन, 500 सागौन पौधे नष्ट करने का भी लगाया आरोप

“पुरूंगा में अदाणी के खिलाफ बिगुल : ‘गांव नहीं बिकेगा’, जनसुनवाई में अबकी बार “होगा जोरदार जवाब के साथ आर पार”

Leave a Comment