मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य

---Advertisement---

8 दिन की देरी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विरोधाभास और कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं : हाईकोर्ट ने 26 साल के राजा भारद्वाज को मर्डर केस में दी जमानत

On: August 11, 2026 10:27 PM
Follow Us:
---Advertisement---

हिन्दी समाचार : रायपुर

पुरानी बस्ती थाना अपराध क्रमांक 172/2026 में बड़ी राहत, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकल पीठ ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर की

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने थाना पुरानी बस्ती, रायपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 172/2026 के मामले में जेल में बंद आवेदक राजा भारद्वाज को बड़ी राहत देते हुए उसकी नियमित जमानत याचिका MCRC No. 6715 of 2026 को स्वीकार कर लिया है। मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय श्री रमेश सिन्हा की एकल पीठ में हुई।

सुनवाई के दौरान आवेदक की ओर से अधिवक्ता श्री आशुतोष बिस्वास ने न्यायालय के समक्ष कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे। बचाव पक्ष ने बताया कि घटना 10 अप्रैल 2026 की बताई गई है, जबकि संबंधित FIR 18 अप्रैल 2026 को दर्ज की गई, यानी घटना के करीब आठ दिन बाद रिपोर्ट दर्ज हुई। इस देरी को मामले की परिस्थितियों में महत्वपूर्ण तथ्य बताते हुए अदालत के समक्ष रखा गया।

अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट में चोटों के समय और मृत्यु के कारण को लेकर विरोधाभास सामने आते हैं। इन तथ्यों की वास्तविकता और साक्ष्यों की विश्वसनीयता का परीक्षण मुकदमे के दौरान ही किया जाना संभव है।

बचाव पक्ष की ओर से यह भी बताया गया कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, आवेदक का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 19 अप्रैल 2026 से लगातार न्यायिक हिरासत में है।

दोनों पक्षों की दलीलों और केस के उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद उच्च न्यायालय ने विशेष रूप से FIR दर्ज करने में हुई देरी, चार्जशीट दाखिल होने तथा आवेदक के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा। इन परिस्थितियों के आधार पर न्यायालय ने नियमित जमानत याचिका स्वीकार करते हुए राजा भारद्वाज को निर्धारित शर्तों के अधीन जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया।

हाईकोर्ट के आदेश से आरोपी को मिली बड़ी राहत

हालांकि, जमानत मिलना मामले में अंतिम दोषमुक्ति नहीं है। प्रकरण में आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायालय में होने वाले विचारण (Trial) के दौरान साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगा।

Gurucharan Singh Rajpoot

CGHindiSamachar.com अब पूरे भारत के लिए समर्पित एक हिन्दी न्यूज़-पोर्टल है जहाँ आपको राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर की ताज़ा खबरें मिलेंगी। हमारी टीम राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आपातकालीन घटनाओं पर निष्पक्ष, तथ्यात्मक और समयोचित रिपोर्टिंग प्रदान करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

लाठी के सहारे पेंशन लेने पहुंचा दिव्यांग, ट्राइसिकल और आवास के लिए वर्षों से भटक रहा उचित राम

खम्हार में 3 दुकानों की नीलामी पर विवाद, ग्रामीणों ने C.E.O. को सौंपा ज्ञापन

ठेला हटाने का नोटिस पड़ा भारी! नगर पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र को WhatsApp पर धमकी, संरक्षण के आरोपों से गरमाया मामला

“SECL को दो टूक संदेश! दुर्गापुर-शाहपुर के किसान आज करेंगे महा बैठक, ड्रोन सर्वे और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आर-पार की तैयारी”

जनसुनवाई से पहले ‘जनसंपर्क’ की तैयारी? पुरुंगा में अदाणी परियोजना को लेकर स्वास्थ्य शिविर पर उठे सवाल, ग्रामीण बोले– “हमें अपने पक्ष में करने की कोशिश”

🚨 उदउदा में जुआ फड़ पर धरमजयगढ़ पुलिस का छापा, 5 जुआरियों से नगद ₹17,650 और 8 दोपहिया वाहन जब्त : “ऑपरेशन अंकुश” के तहत कार्रवाई

Leave a Comment