
हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़

नगर पंचायत धरमजयगढ़ क्षेत्र में पुलिस थाना के सामने अवैध रूप से लगाए गए ठेले को हटाने के लिए नगर पंचायत प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। आरोप है कि नोटिस से नाराज ठेला संचालक ने नगर पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र को WhatsApp के माध्यम से आपत्तिजनक एवं धमकी भरे संदेश भेजे हैं।
मामले से जुड़ा WhatsApp स्क्रीनशॉट भी सामने आया है।बताया जा रहा है कि पुलिस थाना के मुख्य द्वार और उसके बाद कुछ दूर में पुलिसंथाने के समीप सार्वजनिक स्थान पर ठेला लगाकर कब्जा किया गया था। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से इसे हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया।
नियम-कानून यदि सभी के लिए समान हैं, तो जनप्रतिनिधि को कथित धमकी और सार्वजनिक भूमि पर कब्जे दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई जरूरी है।
आरोप है कि ठेला हटाने के बजाय उसे कुछ दूरी आगे खिसकाकर फिर से उसी क्षेत्र में संचालित किया जाने लगा।
नोटिस के बाद WhatsApp पर तीखे तेवर
सामने आए WhatsApp संदेशों में नगर पंचायत अध्यक्ष को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। संदेश में अध्यक्ष के ढाबे में खुलेआम शराब बिक्री होने, सरकारी भूमि पर मिट्टी डालकर कब्जा किए जाने तथा अध्यक्ष के कार्यों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
एक अन्य संदेश में कथित तौर पर लिखा गया है कि “नगर अध्यक्ष का कार्य हम देख लेंगे”।इन संदेशों को नगर पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र को दी गई धमकी के रूप में देखा जा रहा है।
अवैध ठेला या राजनीतिक दबाव का खेल ?
मामले में अब एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—यदि ठेला सार्वजनिक स्थान पर अवैध रूप से लगाया गया था तो उसे नोटिस के बाद पूरी तरह हटाया क्यों नहीं गया? और यदि कार्रवाई की जा रही थी तो ठेला संचालक को जनप्रतिनिधि को धमकी देने जैसी स्थिति तक पहुंचने की नौबत क्यों आई?नगर क्षेत्र के लोगों की ओर से भी अध्यक्ष पर कथित संरक्षण दिए जाने जैसे आरोप लगाए जाने की बात सामने आ रही है।
ऐसे में मामला केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि नगर पंचायत के भीतर अध्यक्ष, प्रशासन और अतिक्रमण के बीच कथित संरक्षण के आरोपों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन के सामने कई सवाल
अब सवाल यह है कि
सार्वजनिक स्थान पर अवैध कब्जे के खिलाफ नगर पंचायत प्रशासन क्या ठोस कार्रवाई करेगा?
क्या WhatsApp पर जनप्रतिनिधि को कथित धमकी देने के मामले की जांच होगी?
क्या धमकी देने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी ?
और सबसे अहम—क्या नगर पंचायत थाना के सामने से ठेला पूरी तरह हटवाकर सार्वजनिक भूमि को कब्जामुक्त कराएगी?
नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित व्यक्ति का पक्ष इस मामले में सामने आने के बाद खबर में शामिल किया जा सकता है।

















