हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ (भारतीय मजदूर संघ) के आह्वान पर देशभर की आशा कार्यकर्ता 09 जुलाई 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन करेंगी। इस दौरान जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन कर केंद्र और राज्य सरकारों के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।
महासंघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार हाल ही में पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
महासंघ ने सभी राज्यों की आशा कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
महासंघ ने बताया कि इससे पहले 07 अक्टूबर 2025 को भी देशव्यापी आंदोलन कर 10 सूत्रीय मांगपत्र केंद्र एवं राज्य सरकारों को सौंपा गया था, लेकिन अब तक आशा कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके चलते संगठन ने फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
प्रमुख मांगें
💢 आशा कार्यकर्ताओं को ₹26,000 से ₹48,000 प्रतिमाह तक पदानुसार सम्मानजनक वेतन दिया जाए।
💢 सभी आशा एवं वरिष्ठ आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले।
💢 वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) लागू की जाए।
💢 समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया जाए।
💢 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
💢 आशा योजना का निजी संस्थाओं को हस्तांतरण बंद किया जाए।
💢 यात्रा भत्ता, सेवानिवृत्ति पर एकमुश्त राशि, ईपीएफ-ईएसआई, पेंशन तथा दुर्घटना एवं मृत्यु पर मुआवजा जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं।









