हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़

धरमजयगढ़ के सिविल अस्पताल से सामने आया एक वीडियो अस्पताल की व्यवस्थाओं और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में महिला वार्ड के एक बेड पर एक महिला का शव चादर से ढका हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि उसी वार्ड में उसके बेहद करीब कुछ ग्रामीण महिलाएं जमीन पर बैठकर खाना खाती नजर आ रही हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सामने आया यह दृश्य व्यवस्था की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी और मौत के बाद शव को करीब दो घंटे तक महिला वार्ड के बेड पर ही रखा गया। इसी दौरान वार्ड में भर्ती अथवा मौजूद अन्य ग्रामीण महिलाएं उसी स्थान के आसपास बैठकर भोजन करती दिखाई दे रही हैं। वायरल वीडियो में अस्पताल की स्थिति देखकर सहज ही सवाल उठता है कि क्या मौत के बाद शव को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से रखने की कोई व्यवस्था अस्पताल प्रबंधन के पास नहीं थी?
शव के पास भोजन, क्या यही है अस्पताल की संवेदनशीलता ?
अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन पहले ही बीमारी और परेशानी से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में महिला वार्ड में शव और जीवित मरीजों को लंबे समय तक एक ही स्थान पर रखना न केवल अव्यवस्था को दर्शाता है, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करता है।
धरमजयगढ़ के सिविल अस्पताल से सामने आया यह वीडियो सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता की परीक्षा पर बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेते हैं या फिर यह मामला भी अस्पताल की अव्यवस्थाओं की फाइल में दबकर रह जाता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर महिला की मौत हो चुकी थी, तो शव को तत्काल वार्ड से हटाकर निर्धारित स्थान पर क्यों नहीं ले जाया गया? क्या अस्पताल में शव को रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी, या फिर जिम्मेदार कर्मचारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया?
जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी ?
इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि वीडियो और स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के आधार पर यह स्थिति सामने आई है, लेकिन शव को करीब दो घंटे तक वार्ड में रखने की वास्तविक अवधि और इसके पीछे की परिस्थितियों की पुष्टि अस्पताल प्रबंधन से होना बाकी है।
अब जरूरत है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर यह स्पष्ट करे कि महिला की मौत के बाद शव को वार्ड में कितनी देर रखा गया, शव को तत्काल निर्धारित स्थान पर क्यों नहीं ले जाया गया और इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद जिम्मेदार कर्मचारियों ने क्या कार्रवाई की।








