हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़

धरमजयगढ़ में भाजपा के भीतर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब कांग्रेस ने भाजपा के अनुशासन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जिला कांग्रेस सचिव राजीव अग्रवाल ने भाजपा मीडिया प्रभारी विवेक पाण्डेय से सवाल करते हुए कहा है कि भाजपा स्वयं को अनुशासन वाली पार्टी बताती है, लेकिन यदि पार्टी के ही पूर्व मीडिया प्रभारी नारायण बाईन लगातार सार्वजनिक रूप से पार्टी की कमियों और अंदरूनी मामलों को मीडिया के सामने उठा रहे हैं, तो पार्टी की ओर से अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
राजीव अग्रवाल ने कहा कि भाजपा में अनुशासन को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं और पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के लिए अनुशासन को महत्वपूर्ण बताती है। ऐसे में धरमजयगढ़ में पिछले कुछ समय से जिस तरह भाजपा से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप सार्वजनिक मंच और मीडिया के माध्यम से सामने आ रहे हैं, उससे पार्टी के अनुशासन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व मीडिया प्रभारी नारायण बाईन द्वारा लगातार मीडिया के माध्यम से पार्टी की कमियों, संगठनात्मक गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर चल रहे मामलों को उठाया जा रहा है। यदि उनके बयान पार्टी की नीतियों या संगठनात्मक अनुशासन के विरुद्ध हैं, तो पार्टी नेतृत्व को इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। वहीं यदि उनके द्वारा लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं, तो भाजपा को सार्वजनिक रूप से उनका जवाब देना चाहिए।
‘कथनी और करनी में अंतर क्यों?’
जिला कांग्रेस सचिव राजीव अग्रवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर दिखाई दे रहा है। एक ओर पार्टी खुद को अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती के लिए पहचाने जाने वाली पार्टी बताती है, वहीं दूसरी ओर पार्टी से जुड़े व्यक्ति द्वारा लगातार सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए जाने के बावजूद कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है।उन्होंने भाजपा मीडिया प्रभारी विवेक पाण्डेय से सवाल किया कि आखिर पार्टी का अनुशासन केवल मंचों और भाषणों तक सीमित है या वास्तव में संगठन के भीतर भी लागू होता है? यदि भाजपा वास्तव में अनुशासित पार्टी है तो सार्वजनिक रूप से पार्टी की कमियों को उजागर करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के मामलों में पार्टी का स्पष्ट अनुशासनात्मक रुख सामने आना चाहिए।
भाजपा मीडिया प्रभारी से मांगा स्पष्ट जवाब
राजीव अग्रवाल ने कहा कि धरमजयगढ़ की जनता भी पूरे घटनाक्रम को देख रही है। ऐसे में भाजपा मीडिया प्रभारी विवेक पाण्डेय को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पार्टी के पूर्व मीडिया प्रभारी द्वारा लगातार लगाए जा रहे आरोपों पर संगठन की क्या राय है और पार्टी ने अब तक क्या कार्रवाई की है।उन्होंने कहा कि सवाल किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भाजपा द्वारा किए जाने वाले अनुशासन के दावे को लेकर है। यदि पार्टी अनुशासन को सर्वोच्च मानती है तो उसे अपनी कथनी के अनुरूप कार्रवाई और जवाब दोनों देना चाहिए। वहीं भाजपा की ओर से इस पूरे मामले में क्या जवाब आता है, इस पर अब राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।










