हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़/रायगढ
तमनार क्षेत्र में जनसुनवाई के दौरान हुए आंदोलन और उससे जुड़े हिंसा प्रकरण में दर्ज विभिन्न एफआईआर के मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत सामने आई है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी के विरुद्ध दर्ज चार अलग-अलग एफआईआर में गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, तमनार जनसुनवाई के दौरान हुए आंदोलन के बाद पुलिस द्वारा विभिन्न धाराओं के तहत कई प्रकरण दर्ज किए गए थे। इन्हीं मामलों में एक आरोपी के खिलाफ दर्ज चार अलग-अलग एफआईआर को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी।मामले की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने आरोपी को राहत देते हुए अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद मामले से जुड़े पक्षों में कानूनी चर्चा तेज हो गई है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अधिवक्ता मनीष बेहरा तथा आशुतोष विश्वास द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी की जा रही है। अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष यह पक्ष रखा कि एक ही घटनाक्रम से जुड़े मामलों में दर्ज विभिन्न एफआईआर और गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है।
सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश को फिलहाल आरोपी पक्ष के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।









