हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ क्षेत्र में इन दिनों ओवरलोड फ्लाईएश वाहनों का आतंक चरम पर है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में ये भारी वाहन तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ रहे हैं और आए दिन दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद न तो आरटीओ विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान दे रहा है।
इन वाहनों की लापरवाही का आलम यह है कि दुर्घटना के बाद चालक बिना किसी सूचना या जिम्मेदारी के मौके से फरार हो जाते हैं। सड़क पर गिरा फ्लाईएश और टूटी हुई सरकारी संपत्ति वहीं पड़ी रहती है, लेकिन उसे हटाने या नुकसान की भरपाई करने की कोई जवाबदेही तय नहीं होती।हाल ही में अस्पताल चौक में एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां एक फ्लाईएश से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में नगर पंचायत का स्ट्रीट लाइट खंभा टूट गया और भारी मात्रा में फ्लाईएश नाली में गिरकर उसे पूरी तरह जाम कर गया।
लेकिन घटना के बाद केवल वाहन को क्रेन से उठाकर ले जाया गया, जबकि नुकसान की भरपाई और सफाई की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली।नियमों के अनुसार, इस तरह के मामलों में संबंधित वाहन के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन धरमजयगढ़ में ऐसा होता नजर नहीं आ रहा। ऐसा प्रतीत होता है कि इन वाहनों को खुली छूट दे दी गई है, जहां नियम-कानून का कोई अस्तित्व नहीं है।इस संबंध में भाजपा मंडल महामंत्री द्वारा भी प्रशासन से ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन उसका भी कोई असर देखने को नहीं मिला। स्थिति यह है कि प्रशासन की चुप्पी से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
💢 अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी बड़े आंदोलन या जनदबाव का इंतजार कर रहा है? अगर स्थानीय लोग आवाज नहीं उठाएंगे, तो क्या इन बेलगाम वाहनों पर कार्रवाई कभी होगी?








