💢 नगर पंचायत के कामकाज पर उठे सवाल
💢 धरमजयगढ़ नगर पंचायत में करोड़ों के घोटाले का आरोप
💢 मंत्री से हुई उच्चस्तरीय जांच की मांग
हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
नगर पंचायत धरमजयगढ़ में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जनहित एवं सुशासन की पारदर्शिता का हवाला देते हुए स्थानीय नागरिक मनीष कुमार देवांगन ने नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी भरत लाल साहू के कार्यकाल में हुए विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कई योजनाओं में गुणवत्ता से समझौता कर नियमों की अनदेखी की गई और शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका है।शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप
स्ट्रीट लाइट स्थापना में लाखों का खेल!
शिकायतकर्ता के अनुसार नगर पंचायत क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट स्थापना पर लगभग 13 लाख 70 हजार रुपये खर्च किए गए, लेकिन कार्य की गुणवत्ता, सामग्री की आपूर्ति और भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर संदेह जताया गया है।
वार्ड 8, 9 और 10 में भी गड़बड़ी का आरोप
वार्ड क्रमांक 08, 09 और 10 में करीब 8 लाख 36 हजार रुपये की लागत से कराए गए स्ट्रीट लाइट कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि कई स्थानों पर अपेक्षित लाभ नागरिकों को नहीं मिल रहा है।
पाइपलाइन विस्तार में करोड़ों की राशि पर सवाल
नगर पंचायत क्षेत्र में पाइपलाइन विस्तार कार्य के लिए लगभग 1 करोड़ 34 लाख रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख करते हुए इसकी गुणवत्ता, माप पुस्तिका, लागत वृद्धि और भुगतान अभिलेखों की जांच की मांग की गई है।
15वें वित्त आयोग की राशि पर भी उठे सवाल
शिकायत के मुताबिक 15वें वित्त आयोग की करीब 40 लाख रुपये की राशि से कराए गए बोरवेल खनन कार्यों में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। आरोप है कि कुछ वार्डों में कार्य हुए बिना ही भुगतान कर दिया गया, जबकि बिल भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
जांच के बाद कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने मंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ विभागीय एवं वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा शासकीय राशि की वसूली भी की जाए।
बड़ा सवाल
धरमजयगढ़ नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर खर्च हुए करोड़ों रुपये वास्तव में जमीन पर दिखाई दे रहे हैं या फिर कागजों में ही विकास की इबारत लिखी गई? अब सभी की निगाहें शासन और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
आपको बता दें कि विगत दिनों पूर्व में एक पत्रकार के द्वारा शिकायत किये जाने के बाद पाइप लाइन विस्तार कार्य में क्रांकिट सहित पाइप के अमानक पैमाने पर अनियमितताएं पाई गई जिसके उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया गया लेकिन मामला अभी तक ठंडे बस्ते में है.साथ ही स्ट्रीट लाइट के कार्य में भी भारी अनियमितताएं बरती गयी जिसे लेकर CMO सहित जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हुए है.












