हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
धरमजयगढ़ वनमंडल में इन दिनों अवैध गतिविधियों की बाढ़ सी आ गई है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में नजर आ रहे हैं। ताजा मामला बाकारुमा रेंज से जुड़ा है, जहां 8 मेगावाट की लघु जल विद्युत परियोजना धनबादा पावर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना के तहत बिना वन विभाग की अनुमति के कई कार्य धड़ल्ले से किए जा रहे हैं।
हालिया मामला विद्युत पोल विस्तार का है, जहां हाथी प्रभावित क्षेत्र के घने जंगलों के भीतर अवैध रूप से पोल गाड़े जा रहे हैं।जब इस संबंध में संबंधित रेंजर से बात की गई, तो उन्होंने दावा किया कि यह कार्य विद्युत विभाग द्वारा किया जा रहा है। लेकिन चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब विद्युत विभाग के अधिकारी ने साफ तौर पर कहा कि यह पूरा काम धनबादा पावर द्वारा कराया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, 13 मीटर लंबे पोल में लगभग 8 मीटर तक 11 केवी लाइन और उसके ऊपर 33 केवी लाइन बिछाने की योजना है। वहीं, परियोजना से जुड़े ठेकेदार ने भी पुष्टि की कि पूरा कार्य धनबादा पावर के जिम्मे है और इसका भुगतान भी कंपनी द्वारा ही किया जाएगा।इस पूरे मामले में वन विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा विरोधाभासी और संदिग्ध जानकारी दिए जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
💢 अब बड़ा सवाल यह है कि वनमंडल इस मामले में कार्रवाई करेगा या पहले की तरह इस बार भी मामले को नजरअंदाज कर दिया जाएगा। आने वाला समय ही इसका जवाब देगा ?








