



🔴 हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
नगर पंचायत धरमजयगढ़ में विकास कार्यों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। वार्ड क्रमांक 12 में दो साल पहले स्वीकृत और टेंडर हो चुके विकास कार्य आज तक धरातल पर नहीं उतर सके, जिससे आक्रोशित पार्षद ने अब प्रशासन के खिलाफ क्रमबद्ध अहिंसात्मक आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।जानकारी के अनुसार, वार्ड 12 में सड़क, नाली, मुक्तिधाम तटबंध और उद्यान जैसे आवश्यक जनहित कार्यों के लिए न सिर्फ टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी, बल्कि ठेकेदारों को कार्यादेश जारी कर भूमिपूजन भी कराया गया था। इसके बावजूद शासन परिवर्तन के बाद इन कार्यों को% अप्रारंभ सूची में डालकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
❗ कागजों में विकास, जमीन पर सन्नाटा…
पार्षद का आरोप है कि बार-बार मौखिक व लिखित निवेदन के बावजूद मुख्य नगर पालिका अधिकारी की उदासीनता के चलते वार्डवासी आज भी बदहाल सड़कों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीने को मजबूर हैं।पार्षद द्वारा 9 जुलाई 2025 को दिए गए आंदोलन चेतावनी पत्र पर अधिकारी ने 21 जुलाई 2025 को कुछ दिन का समय मांगा था, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी नतीजा शून्य रहा।
🌹 गुलाब से शुरू, आमरण अनशन तक जाएगा आंदोलन…
प्रशासन को जगाने के लिए पार्षद ने एक अनोखा लेकिन तीखा आंदोलन कार्यक्रम घोषित किया है —1 से 15 जनवरी 2026 तक रोज़ मुख्य नगर पालिका अधिकारी को गुलाब का फूल भेंट15 से 31 जनवरी 2026 तक रोज़ गेंदा फूल की माला1 से 15 फरवरी 2026 तक कार्यालय के सामने अहिंसात्मक धरना16 फरवरी 2026 से कार्यालय के सामने आमरण अनशन…
📌 ये हैं प्रमुख मांगें
1. दीपक अग्रवाल के घर के सामने से 300 मीटर सड़क निर्माण2. आनंद अग्रवाल के घर के पास सड़क व नाली निर्माण3. जगन्नाथ सोनी के घर के पास 100 मीटर सड़क निर्माण4. मुक्तिधाम तटबंध निर्माण5. उद्यान निर्माण⚠️ प्रशासन की जिम्मेदारी तयपार्षद ने साफ चेतावनी दी है कि आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण होगा, लेकिन यदि स्थिति बिगड़ती है तो इसकी नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी नगर पंचायत प्रशासन की होगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि ?
👉 क्या धरमजयगढ़ प्रशासन फूलों से भी नहीं जागेगा?👉 या फिर विकास की फाइलें यूं ही धूल फांकती रहेंगी?















