मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य

---Advertisement---

धनवाड़ा पावर परियोजना पर दायर जनहित याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज

On: July 25, 2026 12:35 PM
Follow Us:
---Advertisement---

हिन्दी समाचार – धरमजयगढ़।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने धर्मजयगढ़ निवासी एवं पत्रकार विवेक कुमार पाण्डेय द्वारा दायर जनहित याचिका (डब्ल्यूपीपीआईएल क्रमांक 33/2026) को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस एवं विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके।याचिका में आरोप लगाया गया था कि ग्राम भालुपखना में मांड नदी पर 7.5 मेगावाट की लघु जलविद्युत परियोजना का निर्माण कर रही धनवाड़ा पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खसरा क्रमांक 347 एवं 365 की वन भूमि पर वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 की धारा-2 के तहत आवश्यक अनुमति लिए बिना गैर-वन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। याचिकाकर्ता ने परियोजना पर रोक लगाने, यथास्थिति बनाए रखने तथा स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग की थी।सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने न्यायालय को बताया कि शिकायत मिलने के बाद राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों ने कई बार संयुक्त निरीक्षण किया। 23 मार्च 2026 तथा 20 जून 2026 को तैयार पंचनामों एवं जांच रिपोर्टों में स्पष्ट पाया गया कि विवादित भूमि पर किसी प्रकार का विद्युत संयंत्र, पेनस्टॉक, स्विचयार्ड अथवा अन्य निर्माण नहीं किया गया है और वहां कोई गैर-वन गतिविधि संचालित नहीं हो रही है।राज्य सरकार ने यह भी बताया कि संबंधित खसरा भूमि राजस्व अभिलेखों में राजस्व भूमि के रूप में दर्ज है तथा परियोजना के किसी भी हिस्से का निर्माण उक्त भूमि पर नहीं किया गया। कंपनी की ओर से भी न्यायालय को बताया गया कि परियोजना का निर्माण सभी सक्षम अधिकारियों से प्राप्त स्वीकृतियों एवं नियमों के अनुरूप किया गया है और कानून का कोई उल्लंघन नहीं हुआ।न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि केवल समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों या पुराने पत्राचार के आधार पर जनहित याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती। उपलब्ध आधिकारिक जांच रिपोर्टों से याचिकाकर्ता के आरोपों की पुष्टि नहीं होती। अदालत ने यह भी माना कि संबंधित विभागों ने शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए कई बार जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की है।खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता यह सिद्ध नहीं कर सके कि वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 अथवा किसी अन्य वैधानिक प्रावधान का उल्लंघन किया गया है। इसलिए जनहित याचिका में मांगी गई राहत प्रदान करने का कोई आधार नहीं बनता।अदालत ने जनहित याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया तथा याचिकाकर्ता द्वारा जमा की गई जमानत राशि भी जब्त करने का आदेश दिया।

Gurucharan Singh Rajpoot

CGHindiSamachar.com अब पूरे भारत के लिए समर्पित एक हिन्दी न्यूज़-पोर्टल है जहाँ आपको राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर की ताज़ा खबरें मिलेंगी। हमारी टीम राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आपातकालीन घटनाओं पर निष्पक्ष, तथ्यात्मक और समयोचित रिपोर्टिंग प्रदान करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

“पुरूंगा में अदाणी के खिलाफ बिगुल : ‘गांव नहीं बिकेगा’, जनसुनवाई में अबकी बार “होगा जोरदार जवाब के साथ आर पार”

इंदु जेठवानी बने भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ रायगढ़ के कोषाध्यक्ष, संगठन ने जताया विश्वास

धरमजयगढ़ के नवपदस्थ एसडीएम भरत कौशिक से प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

धरमजयगढ़ नगर पंचायत को मिला अब तक का सबसे युवा नेतृत्व, मनोनीत पार्षद (एल्डरमैन) नीरज अग्रवाल से विकास की बढ़ीं उम्मीदें

मासूम को भारत विरोधी नारे सिखाने वाले आरोपी वसीम मोहम्मद ने लगाये “हिंन्दुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद”

महेश चैनानी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, नगरीय निकाय प्रकोष्ठ का जिला संयोजक नियुक्त

Leave a Comment