



हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत हो रहे राशन वितरण को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ सरकारी राशन दुकानों के संचालक नियमों को ताक पर रखकर राशन वितरण कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
📣 अधिकारियों का संरक्षण
ग्रामीणों का कहना है कि कई दुकानों में तय मात्रा से कम राशन दिया जा रहा है, वहीं कुछ हितग्राहियों के नाम पर राशन निकालकर खुले बाजार में बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसके बावजूद संबंधित राशन दुकान संचालकों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से यह चर्चा तेज हो गई है कि उन्हें अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।
🔥 बेखौफ होकर अनियमितताओं को अंजाम
सूत्रों के अनुसार, शिकायतें होने के बाद भी निरीक्षण केवल कागजों तक सीमित रह जाता है। यही वजह है कि राशन संचालकों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर अनियमितताओं को अंजाम दे रहे हैं।स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले राशन संचालकों के साथ-साथ संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।
💢 गरीबों के हक का राशन हड़पना गंभीर अपराध
लोगों का कहना है कि गरीबों के हक का राशन हड़पना गंभीर अपराध है और इस पर सख्ती जरूरी है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या धरमजयगढ़ में राशन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।














