हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
धरमजयगढ़ विकासखण्ड के कापू तहसील में पदस्थ तहसीलदार उज्जवल पाण्डेय के खिलाफ बार-बार ग्रामीण शिकायत लेकर या तो सासंद के पास पहुंच रहे हैं या फिर पुलिस थाना आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं। एक प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ बार बार इस तरह का शिकायत क्या अच्छी बात है? क्या तहसीलदार उज्जवल पाण्डेय के खिलाफ हो रहे शिकायत की जांच नहीं होनी चाहिए? जांच नहीं होने के कारण इनका विवाद बढ़ता जा रहा है। तहसीलदार उज्जवल पाण्डेय के खिलाफ कई बार शिकायत हो चुका है लेकिन एक बार भी जांच नहीं होता आखिर कारण क्या है क्या तहसीलदार साहब का ऊंची पहुंच है इसलिए इनके खिलाफ किए गये शिकायत की कोई जांच नहीं होता है। तहसीलदार उज्जवल पाण्डेय के खिलाफ गेरसा टीएसएस में पदस्थ पूर्व आपरेटर स्व. दया साहू ने भी लाखों रूपये घूस मांगने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर रायगढ़ एवं एसडीएम धरमजयगढ़ को लिखित में शिकायत किया था। उसके बाद तहसीलदार साहब का भालूपखना पॉवर प्लांट को लेकर विरोध कर रहे ग्रामीणों के चलते सरपंच पति को भी धमकाने चमकाने एवं सरपंच पद से हटाने के मामले भी रैरूमाचौंकी में लिखित आवेदन दिया गया था तहसीलदर पर कार्यवाही के लिए लेकिन यहां भी नाटकिय तरीके से मामला को शांत करवा दिया गया था। अब एक बार फिर बीडीसी पति को जातिगत गाली गलौच देने का मामला सामने आया है। पीडि़त भानू टंडन ने पुलिस थाना कापू में लिखित आवेदन देकर तहसीलदार उज्जवल पाण्डेय के खिलाफ एफआईआर करने का निवेदन किया है वहीं भानू टंडन एवं उनके बीडीसी पत्नि के साथ धरमजयगढ़ में आकर सांसद राधेश्याम एवं भाजपा जिला अध्यक्ष अरूणधर दीवान के पास तहसीलदार उज्जवल पाण्डेय का शिकायत किया है। पीडि़त ने थाने में दिए अपने आवेदन में लेख किया है 16 अक्टूबर शाम 5 बजे मैं जब तहसील कार्यालय पहुंचा तो तहसीलदार उज्जवल पाण्डेय द्वारा मेरे को जातिगत गाली गलौज किया गया है जिससे में मेरे मान सम्मान को ठेस पहुंचा है। अत: तहसीलदार उज्जवल पाण्डेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कृपा करें। अब सावाल उठता है कि एक प्रशासनियक अधिकारी के ऊपर बार-बार इस तरह का आरोप क्यों लग रहे हैं? और आरोप पर जांच क्यों नहीं हो रहा है? एक कार्यपालिक दण्डाधिकारी पर लगाये गये आरोप गलत है तो आरोप लगाने वालों पर प्रशासन कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं? अगर गलत की जांच नहीं होगा तो ऐसे आरोप तो लगते ही रहेंगे। आगे देखना है कि कापू तहसीलदार के ऊपर लगे आरोप पर क्या कार्यवाही होता है।








