



हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
सोशल मीडिया पर अधिवक्ताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर “कानून का दलाल” जैसे शब्दों का प्रयोग करने वाले युवक ने मामले के तूल पकड़ने के बाद अब लिखित रूप से माफी मांग ली है।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम जमरगीडीह निवासी प्रमोद कुमार डनसेना द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की गई टिप्पणी को लेकर अधिवक्ता समाज में नाराजगी व्याप्त थी। अधिवक्ताओं ने इसे पूरे पेशे का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी और संबंधित युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
विवाद बढ़ने के बाद 4 फरवरी को युवक ने अधिवक्ताओं के समक्ष प्रस्तुत होकर बार कक्ष में एक लिखित माफी पत्र सौंपते हुए स्वीकार किया कि उसके द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी गलत और अनुचित थी।
माफी पत्र में युवक ने उल्लेख किया है कि उसने अज्ञानतावश गलत शब्दों का प्रयोग किया, जिससे अधिवक्ता समाज की भावनाएं आहत हुईं। इसके लिए वह हृदय से क्षमाप्रार्थी है।
माफी पत्र में युवक ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी या गतिविधि दोबारा नहीं की जाएगी तथा वह अधिवक्ताओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य से दूर रहेगा।
अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया है कि समाज के सम्मानित वर्ग के खिलाफ अमर्यादित भाषा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील भी की गई है।लिखित माफी के बाद फिलहाल मामला शांत होता नजर आ रहा है
💢 हालांकि अधिवक्ताओं ने दो टूक कहा है कि भविष्य में ऐसी हरकत होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













