



🎥 हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
धरमजयगढ़ क्षेत्र के मिरिगुड़ा गांव में सरकारी राशन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गांव के उचित मूल्य दुकान संचालक की कथित मनमानी और लापरवाही ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि
🔥राशन वितरण न तो समय पर होता है,निर्धारित मात्रा से कम अनाज दिया जाता है,
🔥और सवाल पूछने पर हितग्राहियों से अभद्र व्यवहार किया जाता है।
☝️देखें शिकायतकर्ताओं का वीडियो
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कई परिवारों ने बताया कि महीनों तक राशन नहीं मिलने के कारण उन्हें खुले बाजार से महंगे दामों पर अनाज खरीदना पड़ रहा है, जिससे घर का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।
🧿 स्थिति भयावह :
⚡जशपुर जिले से लाना पड़ रहा राशन
राशन संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मिरिगुड़ा के कई हितग्राही अपने ही गांव को छोड़कर जशपुर जिले के पत्थलगांव की उचित मूल्य दुकानों से राशन लाने को मजबूर हैं।इससे ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, साथ ही समय और मेहनत भी बर्बाद हो रही है।
📣 प्रशासन पर सवाल, कब जागेगा सिस्टम..?
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषी राशन विक्रेता पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का साफ कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
💢 अब सबसे बड़ा सवाल यह है —
👉 क्या प्रशासन इस गंभीर राशन संकट पर तुरंत संज्ञान लेगा?
👉 या फिर गरीब ग्रामीण यूं ही सिस्टम की लापरवाही की कीमत चुकाते रहेंगे?मिरिगुड़ा गांव जी जनता आज शासन प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।!
















