हिन्दी समाचार : धरमजयगढ़
धरमजयगढ़ विकासखण्ड के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में भारी अनियमितता और गबन का मामला सामने आया है। मंडल भाजपा कार्यसमिति सदस्य भगवान सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर राशन वितरण में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे।

जानकारी के अनुसार, ग्राम सिसरिंगा (आई.डी. 412009066) और सोहनपुर (आई.डी. 412009068) की राशन दुकानों का संचालन पूर्व में माँ शारदा स्व-सहायता समूह पत्थलगाँव खुर्द द्वारा 12 अप्रैल 2025 तक किया जा रहा था। 8 अप्रैल 2025 को हुए भौतिक सत्यापन में सिसरिंगा दुकान में 81.78 क्विंटल चांवल, 2 क्विंटल शक्कर और 3.89 क्विंटल नमक, जबकि सोहनपुर दुकान में 114.24 क्विंटल चांवल और 5.35 क्विंटल नमक बचत के रूप में पाया गया।

इसके बावजूद, 13 अप्रैल 2025 को दुकानों का आबंटन नए संचालकों — सिसरिंगा में ओमप्रकाश मिश्रा और राम मिश्रा, तथा सोहनपुर में मोंगरा स्व-सहायता समूह को कर दिया गया। आरोप है कि बचत राशन सामग्री का प्रभार नए विक्रेताओं को देने के बजाय खाद्य निरीक्षक और सहायक खाद्य अधिकारी धरमजयगढ़ ने हेराफेरी कर गबन कर लिया।स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि जांच के नाम पर कुछ विक्रेताओं और स्व-सहायता समूहों पर तो कार्रवाई की गई, परंतु वास्तविक गड़बड़ी अधिकारियों के स्तर पर हुई।नागरिकों ने राज्यपाल, कलेक्टर रायगढ़ और अनुविभागीय अधिकारी (रा.) धरमजयगढ़ से मांग की है कि दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, उन्हें जेल भेजा जाए और उनकी संपत्ति कुर्क की जाए।भगवान सिंह ने कहा कि “यदि प्रशासन ने 15 दिनों में जांच नहीं की, तो मैं धरमजयगढ़ में आमरण अनशन पर बैठकर न्याय की लड़ाई लड़ूंगा।








