हिन्दी समाचार : अंबिकापुर
अंबिकापुर में यू-ट्यूबर एल्विस यादव का गरबा कार्यक्रम रद्द होने के बाद अब अभिनेता गोविंदा के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहर के कई संगठनों और सामाजिक वर्गों ने इस कार्यक्रम का विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजन के मौके पर ऐसे कार्यक्रमों का होना उचित नहीं है। विरोध को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है और कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं पर विचार कर रहा है। इस मामले में आयोजकों और विरोध करने वाले पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।रविवार शाम शहर के प्रमुख स्थल घड़ी चौक पर यादव समाज और हिंदू संगठनों से जुड़े करीब 25 से 30 लोगों ने गोविंदा के पोस्टरों को फाड़कर आग लगा दी। विरोध करने वालों का कहना है कि जब धार्मिक भावनाओं के मद्देनजर एल्विस यादव का कार्यक्रम रद्द किया गया तो गोविंदा का आयोजन भी रोकना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सोमवार को प्रस्तावित कार्यक्रम को रद्द करने की मांग की। गोविंदा का गरबा कार्यक्रम सोमवार को शहर के एक निजी होटल में आयोजित होना है, जिसकी पुष्टि आयोजन समिति पहले ही कर चुकी है।हालांकि विरोध के चलते अब प्रशासन पर निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि एल्विस यादव का कार्यक्रम धार्मिक भावनाओं के कारण रद्द किया गया तो गोविंदा के कार्यक्रम को भी रद्द करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन दोहरा रवैया अपना रहा है और एक पक्ष के साथ भेदभाव कर रहा है। बता दें गरवा के कार्यक्रम में गोविंदा के साथ अंजली अरोड़ा को बुलाने वाले आयोजकों को भी लोगों का विरोध का सामना करना पड़ा। साथ ही अंजली अरोड़ा का हिंदू संगठनों ने भी विरोध किया और कहा कि ऐसे लोगों को धार्मिक कार्यक्रमों में नहीं बुलाना चाहिए। इसके बाद सरगवां पैलेस में गरबा के आयोजकों ने अंजली का गरबा प्रोग्राम रद्द कर दिया।










